सुदूर पहाड़ियों के उस पार, जहाँ नीलगिरी के पेड़ काले पड़ चुके थे, एक छोटा-सा गाँव था—। यहाँ हल्के कद के, मीठे बोल वाले लोग रहते थे, जिन्हें 'नन्हे' कहा जाता था।
अंत में कहा जा सकता है कि 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' केवल बच्चों की परी कथा नहीं है, बल्कि यह जीवन के कठिन सत्यों का दर्शन है। यह हमें सिखाती है कि किसी व्यक्ति का आकार उसकी भूमिका तय नहीं करता; एक छोटा सा हॉबिट भी दुनिया का भाग्य बदल सकता है। टोल्किन की यह कृति मानवीय मूल्यों, साहस और आशा की अमर गाथा है, जो हमेशा पाठकों को प्रेरित करती रहेगी। the lord of the ring in hindi